चलो इस मौसम में बादलों को छूने चलें हम ठंडी हवा के तेज़ झोंको में कटी पतंग से उड़ने चले हम यूँ तो हम तुम में हैं फांसले बहुत चलो आँखें बंद करो यूही कही दूर निकल चलें हम
इस मौसम में बादल कहाँ नज़र आते हैं। इन ठण्डी हवाओं में पतंग उड़ाएँ हम वो भी कटी हुई आँखें खोल कर तो लोग दो कदम चल नहीं पातें बंद करके क्या खाई में गिराओगे
इस मौसम में
ReplyDeleteबादल कहाँ नज़र आते हैं।
इन ठण्डी हवाओं में पतंग उड़ाएँ हम
वो भी कटी हुई
आँखें खोल कर तो लोग
दो कदम चल नहीं पातें
बंद करके क्या खाई में गिराओगे
bahut khoob
ReplyDeletehttp://shayaridays.blogspot.com